यह इमारत दिल्ली यूनिवर्सिटी के साउथ कैंपस के पास स्थित थी। पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग करीब 40 से 50 साल पुरानी थी। इसमें बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं।
बिल्डिंग में छात्रों के लिए PG accommodation चल रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत और निर्माण कार्य चल रहा था। दोपहर करीब 1:30 बजे इमारत अचानक ढह गई।
कैसे हुआ हादसा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, बेसमेंट में खुदाई के दौरान एक पिलर खिसकने की बात सामने आई है। इसके बाद पूरी इमारत गिर गई। हालांकि, हादसे की अंतिम वजह जांच के बाद स्पष्ट होगी।
स्थानीय लोगों ने बारिश के बाद बेसमेंट में पानी जमा होने की भी बात कही। अधिकारियों ने अभी इसे हादसे का अंतिम कारण नहीं माना है।
NDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन
मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और DDMA की टीमें पहुंचीं। संकरी गलियों के कारण बचाव दल को काम में मुश्किल हुई।
नए CCTV फुटेज में बिल्डिंग गिरने से कुछ सेकंड पहले एक दुकानदार को वहां से भागते देखा गया। रेस्क्यू टीमों ने रातभर अभियान जारी रखा।
सरकार ने क्या कार्रवाई की?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए और बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने को कहा।
दिल्ली सरकार और MCD अब सार्वजनिक उपयोग वाली पुरानी इमारतों के स्ट्रक्चरल ऑडिट पर भी नीति बनाने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें PG, स्कूल और नर्सिंग होम जैसी इमारतें शामिल हो सकती हैं।
महत्वपूर्ण सवाल-जवाब
हादसा कहां हुआ?
हादसा दिल्ली के सत्य निकेतन में, DU साउथ कैंपस के पास हुआ।
कितने लोगों की मौत हुई?
अब तक 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
कितने लोगों को बचाया गया?
11 लोगों को मलबे से निकाला गया है।
बिल्डिंग कितनी पुरानी थी?
पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग करीब 40 से 50 साल पुरानी थी।
हादसे की वजह क्या बताई गई है?
बेसमेंट में मरम्मत और खुदाई के दौरान पिलर खिसकने की प्रारंभिक बात सामने आई है। अंतिम कारण जांच से पता चलेगा।
आगे क्या होगा?
मजिस्ट्रियल जांच हादसे की वजह और जिम्मेदारी तय करेगी। दोषियों पर कार्रवाई की बात सरकार ने कही है।