इंदौर लोड हो रहा है... 128,565 विज़िटर्स
ई-इंदौर लोगो
होम / Indore / इंदौर में ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026: फेफड़ों क…
Indore

इंदौर में ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026: फेफड़ों के कैंसर की जल्द पहचान से लेकर AI इलाज तक 5 बड़े मुद्दों पर मंथन

इंदौर में चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 शुरू हो गई है। सम्मेलन में फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती पहचान, AI आधारित इलाज, आधुनिक ब्रोंकोस्कोपी और नई उपचार तकनीकों पर विशेषज्ञ चर्चा कर रहे हैं।

ई-इंदौर डेस्क 06 Jul 2026 43 बार देखा गया Indore
इंदौर में ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026: फेफड़ों के कैंसर की जल्द पहचान से लेकर AI इलाज तक 5 बड़े मुद्दों पर मंथन

इंदौर में ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026: फेफड़ों के कैंसर की जल्द पहचान से लेकर AI इलाज तक 5 बड़े मुद्दों पर मंथन  |  ई-इंदौर फोटो

Bronchopulmonary World Congress 2026 Begins in Indore, Experts Discuss AI and Early Lung Cancer Detection

इंदौर में ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 का चौथा संस्करण शुरू हो गया है। तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भारत और विदेशों के फेफड़ा रोग विशेषज्ञ, थोरैसिक सर्जन, ऑन्कोलॉजिस्ट और शोधकर्ता शामिल हुए हैं। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य फेफड़ों की बीमारियों की समय पर पहचान, आधुनिक उपचार तकनीकों और नई चिकित्सा पद्धतियों पर चर्चा करना है।

यह आयोजन 4 से 6 जुलाई तक इंदौर में आयोजित किया जा रहा है। इसमें श्वसन रोग, फेफड़ों के कैंसर, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित चिकित्सा पर विशेष सत्र रखे गए हैं।

फेफड़ों के कैंसर की जल्दी पहचान पर विशेष जोर

सम्मेलन में विशेषज्ञों ने कहा कि भारत में फेफड़ों के कैंसर के कई मामले देर से सामने आते हैं। इससे उपचार कठिन हो जाता है।

डॉक्टरों के अनुसार, यदि शुरुआती चरण में बीमारी की पहचान हो जाए तो मरीजों के स्वस्थ होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी वजह से स्क्रीनिंग और शुरुआती जांच को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।

AI और नई तकनीकों पर हुई चर्चा

ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 में चिकित्सा क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका भी प्रमुख विषय रही। विशेषज्ञों ने बताया कि AI आधारित इमेजिंग और डेटा विश्लेषण फेफड़ों की बीमारियों की पहचान को अधिक सटीक बना सकते हैं।

सम्मेलन में रोबोटिक प्रक्रियाओं, एंडोब्रोंकियल तकनीकों, उन्नत ब्रोंकोस्कोपी और कम इनवेसिव उपचार विधियों पर भी प्रस्तुति दी गई।

किन विषयों पर हो रहा मंथन?

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण विषय शामिल किए गए हैं। इनमें—

  • फेफड़ों के कैंसर की शुरुआती जांच
  • टीबी और क्रॉनिक लंग डिजीज
  • अस्थमा और एलर्जी रोग
  • इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी
  • फेफड़ों के प्रत्यारोपण की नई तकनीकें
  • AI आधारित डायग्नोस्टिक सिस्टम
  • गंभीर श्वसन रोगों का आधुनिक प्रबंधन

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में तकनीक आधारित उपचार श्वसन चिकित्सा की दिशा बदल सकते हैं।

युवा डॉक्टरों और शोधकर्ताओं को मिलेगा मंच

सम्मेलन में युवा चिकित्सकों, मेडिकल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए भी वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए गए हैं। इसमें केस स्टडी, लाइव डेमो और शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं।

आयोजकों के अनुसार, इस मंच का उद्देश्य वैश्विक विशेषज्ञता को भारतीय स्वास्थ्य प्रणाली से जोड़ना है ताकि मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध हो सके।

इंदौर क्यों बना आयोजन का केंद्र?

इंदौर लगातार मेडिकल और स्वास्थ्य क्षेत्र में राष्ट्रीय पहचान बना रहा है। ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 जैसे आयोजनों से शहर को मेडिकल शिक्षा और शोध के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान मिल रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रदूषण, धूम्रपान और बदलती जीवनशैली के कारण श्वसन रोगों के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलन उपचार की नई दिशा तय करने में मददगार साबित होंगे।

आगे क्या होगा?

सम्मेलन के आगामी सत्रों में अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ उन्नत उपचार तकनीकों और नई रिसर्च के निष्कर्ष साझा करेंगे। समापन सत्र में भविष्य की शोध प्राथमिकताओं और सहयोग की रूपरेखा भी प्रस्तुत की जाएगी।

फेफड़ों की बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच यह सम्मेलन चिकित्सा जगत के लिए महत्वपूर्ण मंच माना जा रहा है।

पर वापस जाएंIndore