CJP Protest Sparks Political Clash: PM Modi Urges Restraint, Rahul Gandhi Backs Students
CJP Protest और NEET पेपर लीक को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। दिल्ली में संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं। एक ओर प्रधानमंत्री ने युवाओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए राजनीतिक दलों से छात्रों को भड़काने से बचने की अपील की, वहीं राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों का समर्थन करते हुए सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया।
संसद मार्च के दौरान क्या हुआ?
20 जुलाई को Cockroach Janta Party (CJP) के बैनर तले हजारों छात्र और युवा जंतर-मंतर से संसद की ओर मार्च निकालने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं।
मार्च के दौरान पुलिस ने बैरिकेडिंग की। इसके बाद झड़प हुई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। बाद में CJP के प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात हुई, लेकिन आंदोलन समाप्त नहीं किया गया।
PM मोदी ने क्या कहा?
एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि NEET पेपर लीक राष्ट्रीय चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक रोकना केंद्र तथा राज्यों की साझा जिम्मेदारी है।
प्रधानमंत्री ने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे "बच्चों को भड़काने से बचें" और इस मुद्दे पर दलगत राजनीति करने के बजाय समाधान पर ध्यान दें। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दोहराया।
राहुल गांधी ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की आवाज सुनने के बजाय बल प्रयोग कर रही है।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को "युवा विरोधी" बताते हुए आरोप लगाया कि लगातार परीक्षा घोटालों और पेपर लीक से करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन भी किया।
छात्रों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
CJP और आंदोलनकारी छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता।
- दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई।
- भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में सुधार।
इन मांगों को लेकर देश के कई शहरों में छात्रों ने समर्थन प्रदर्शन किए हैं।
अब आगे क्या होगा?
जेपी नड्डा से बातचीत के बाद भी CJP ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई है। आने वाले दिनों में संसद और सड़क दोनों जगह इस मुद्दे पर चर्चा जारी रहने की संभावना है।