इंदौर में गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए भामटी और रीछा पहाड़ियों का सीमांकन शुरू कर दिया गया है। प्रशासन और संबंधित विभागों ने जलग्रहण क्षेत्र को चिन्हित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका उद्देश्य गंभीर नदी में जल प्रवाह बढ़ाना और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करना है।
क्यों महत्वपूर्ण है सीमांकन?
अधिकारियों के अनुसार, भामटी और रीछा पहाड़ियां गंभीर नदी के जलग्रहण क्षेत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। सीमांकन से अतिक्रमण रोकने और प्राकृतिक जल स्रोतों की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ियों का संरक्षण नदी पुनर्जीवन की सफलता के लिए जरूरी है।
गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना पर फोकस
गंभीर नदी पुनर्जीवन योजना के तहत जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और प्राकृतिक जलधाराओं को संरक्षित करने पर काम किया जा रहा है। नदी इंदौर और आसपास के क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण जल स्रोत मानी जाती है।
पिछले कुछ वर्षों में नदी के जलस्तर और प्रवाह में कमी दर्ज की गई थी। इसी कारण पुनर्जीवन परियोजना शुरू की गई।
पर्यावरण और जल संरक्षण को मिलेगा लाभ
विशेषज्ञों का कहना है कि जलग्रहण क्षेत्रों की सुरक्षा से भूजल स्तर में सुधार हो सकता है। इससे वर्षा का पानी अधिक मात्रा में संरक्षित होगा।
परियोजना से आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को भी दीर्घकालिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद संरक्षण और विकास कार्यों की विस्तृत योजना बनाई जाएगी। प्रशासन अतिक्रमण रोकने और जल स्रोतों की निगरानी पर भी ध्यान देगा।
गंभीर नदी पुनर्जीवन परियोजना को इंदौर क्षेत्र की जल सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।