फैसले के बाद बढ़ी हलचल
इंदौर में mic की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। वार्ड 24 के पार्षद जीतू यादव की महापौर परिषद में वापसी हुई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी दी है।
फैसले के बाद भाजपा पार्षद कमलेश कालरा विरोध में राजबाड़ा पहुंचे। उन्होंने परिवार के साथ मौन धरना दिया। कालरा ने इस नियुक्ति पर असहमति जताई है।
पुराने विवाद की फिर चर्चा
जीतू यादव जनवरी 2025 में हुए विवाद के बाद भाजपा से निष्कासित हुए थे। मामला कमलेश कालरा के घर हुए हंगामे और उनके नाबालिग बेटे से कथित मारपीट से जुड़ा था।
इस घटनाक्रम के बाद यादव की एमआईसी सदस्यता भी चली गई थी। वह करीब 18 महीने तक पार्टी से बाहर रहे। बाद में पुलिस की पूरक जांच में उनके खिलाफ स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई।
संगठन की मंजूरी के बाद वापसी
पुलिस रिपोर्ट के बाद भाजपा संगठन ने यादव को दोबारा पार्टी में शामिल किया। इसके बाद उनकी एमआईसी में वापसी को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।
रिपोर्टों के मुताबिक, भोपाल में भाजपा प्रदेश नेतृत्व के साथ बैठक के बाद फैसला आगे बढ़ा। कुछ नेताओं और विधायकों ने यादव के पक्ष में संगठन के सामने अपना पक्ष रखा। इसके बाद उनकी नियुक्ति पर सहमति बनी।
विरोध ने बढ़ाए political questions
यादव की वापसी से स्थानीय संगठन में मतभेद खुलकर सामने आए हैं। राजबाड़ा पर कालरा के धरने ने latest indore news में इस घटनाक्रम को प्रमुख बना दिया है।
आने वाले दिनों में पार्टी संगठन और नगर निगम स्तर पर इस विवाद को लेकर प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं। current news indore और indore today's news में भी यह मामला चर्चा में है।
FAQ
जीतू यादव को कौन-सा विभाग मिला?
उन्हें विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी मिली है।
कमलेश कालरा ने कहां धरना दिया?
उन्होंने परिवार के साथ राजबाड़ा पर मौन धरना दिया।
विवाद की शुरुआत कब हुई थी?
मामला जनवरी 2025 में कालरा के घर हुए विवाद के बाद सामने आया था।