इंदौर में Safe Click 2.0 Cyber Awareness Marathon के जरिए साइबर सुरक्षा का बड़ा संदेश दिया गया। 6 हजार से अधिक नागरिकों ने मैराथन में भाग लेकर ऑनलाइन ठगी के खिलाफ जागरूकता अभियान का समर्थन किया।
इस आयोजन में युवा, छात्र, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, पुलिसकर्मी और अलग-अलग संगठनों के सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों ने सुरक्षित इंटरनेट उपयोग और साइबर फ्रॉड से बचने का संदेश दिया।
साइबर अपराध के खिलाफ जन-जागरूकता
Safe Click 2.0 अभियान का उद्देश्य लोगों को डिजिटल अपराधों के नए तरीकों की जानकारी देना है। इसमें फिशिंग लिंक, OTP फ्रॉड, फर्जी निवेश और डिजिटल अरेस्ट जैसे खतरों पर जागरूक किया जा रहा है।
पुलिस ने नागरिकों से अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने और OTP साझा नहीं करने की अपील की। संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन लेनदेन की जानकारी तुरंत संबंधित एजेंसी को देने की सलाह भी दी गई।
6 हजार से ज्यादा लोगों की भागीदारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, Indore Safe Click 2.0 मैराथन में 6 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। बड़ी भागीदारी ने डिजिटल सुरक्षा अभियान को जन-अभियान का रूप दिया।
मैराथन के दौरान साइबर सुरक्षा से जुड़े संदेशों और जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों को सावधानी बरतने की जानकारी दी गई।
पूरे मध्य प्रदेश में चल रहा अभियान
Safe Click 2.0 केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। मध्य प्रदेश पुलिस की विभिन्न इकाइयां भी नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए गतिविधियां चला रही हैं।
अभियान में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों पर संवाद और जागरूकता कार्यक्रम शामिल हैं। इसका फोकस साइबर अपराध होने से पहले लोगों को सतर्क करना है।
साइबर ठगी होने पर क्या करें?
ऑनलाइन वित्तीय ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। तेजी से शिकायत करने पर संदिग्ध लेनदेन को रोकने की संभावना बढ़ सकती है।
इंदौर पुलिस का Safe Click 2.0 अभियान डिजिटल सुरक्षा को रोजमर्रा की आदत बनाने पर केंद्रित है। अभियान के तहत आगे भी जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जा सकती हैं।