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621 किमी दूर से मंगवाया कोबरा, पत्नी को डसवाकर रची साजिश: इंदौर के बैंक अधिकारी को उम्रकैद

इंदौर की चर्चित शिवानी हत्याकांड में बैंक अधिकारी पति को उम्रकैद की सजा मिली है। आरोपी ने 621 किलोमीटर दूर से कोबरा मंगवाकर पत्नी की हत्या की और इसे सांप के काटने से हुई दुर्घटना साबित करने की कोशिश की थी।

ई-इंदौर डेस्क 07 Jul 2026 42 बार देखा गया Indore
621 किमी दूर से मंगवाया कोबरा, पत्नी को डसवाकर रची साजिश: इंदौर के बैंक अधिकारी को उम्रकैद

621 किमी दूर से मंगवाया कोबरा, पत्नी को डसवाकर रची साजिश: इंदौर के बैंक अधिकारी को उम्रकैद  |  ई-इंदौर फोटो

Indore Bank Officer Gets Life Sentence for Wife's Murder Using Cobra in Planned Conspiracy

शिवानी हत्याकांड में इंदौर की अदालत ने बैंक अधिकारी पति को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी ने पत्नी की हत्या को सांप के काटने से हुई प्राकृतिक मौत साबित करने की कोशिश की थी। जांच में खुलासा हुआ कि उसने 621 किलोमीटर दूर से कोबरा सांप मंगवाया था और उसी से पत्नी को डसवाकर हत्या की साजिश रची।

यह मामला वर्ष 2021 में सामने आया था। लंबे समय तक चली जांच, फॉरेंसिक रिपोर्ट और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।

क्या था पूरा मामला?

मृतका शिवानी इंदौर निवासी थीं और उनके पति एक निजी बैंक में अधिकारी के पद पर कार्यरत थे। शुरुआती जानकारी में दावा किया गया कि शिवानी की मौत कोबरा सांप के काटने से हुई है।

परिवार और पुलिस को शुरुआत में यह एक हादसा लगा। लेकिन जांच आगे बढ़ी तो कई तथ्य संदिग्ध पाए गए। पुलिस ने घटनास्थल, कॉल डिटेल, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य सबूतों की जांच शुरू की।

621 किलोमीटर दूर से लाया गया था कोबरा

जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी ने सांप की व्यवस्था करने के लिए दूरस्थ क्षेत्र के सपेरों और सांप पकड़ने वालों से संपर्क किया था। रिपोर्टों के मुताबिक करीब 621 किलोमीटर दूर से कोबरा लाया गया था।

बताया गया कि इस काम के लिए लगभग 5 हजार रुपये में सांप की व्यवस्था की गई थी। बाद में उसी कोबरा का इस्तेमाल पत्नी की हत्या में किया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पूरे घटनाक्रम को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की थी, ताकि हत्या का शक न हो।

जांच में कैसे खुली साजिश?

पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल परीक्षण और घटनास्थल के विश्लेषण ने मामले को नई दिशा दी। पुलिस को कुछ परिस्थितियां सामान्य नहीं लगीं।

जांच के दौरान आरोपी के बयान और तकनीकी साक्ष्यों में विरोधाभास मिला। इसके बाद पुलिस ने विस्तृत जांच की और हत्या की साजिश का खुलासा हुआ।

विशेषज्ञों के अनुसार भारत में सांप का उपयोग कर हत्या के मामले बेहद दुर्लभ हैं। इसी कारण यह मामला देशभर में चर्चा का विषय बना।

अदालत ने क्या कहा?

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों, गवाहों के बयान और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट को महत्वपूर्ण माना। न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अदालत ने माना कि हत्या पूर्व नियोजित थी और इसे प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास किया गया था। इसलिए अपराध को गंभीर श्रेणी में रखा गया।

आगे क्या होगा?

सजा सुनाए जाने के बाद आरोपी के पास उच्च न्यायालय में अपील करने का कानूनी विकल्प मौजूद है। हालांकि फिलहाल निचली अदालत के फैसले के बाद मामले को महत्वपूर्ण न्यायिक मिसाल माना जा रहा है।

यह मामला बताता है कि आधुनिक फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्य जटिल आपराधिक मामलों की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

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