इंदौर में लोकायुक्त छापे की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (MPPKVVCL) के अधीक्षण यंत्री (चीफ इंजीनियर स्तर) शिवराम सेमिल के इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना स्थित 9 ठिकानों पर मंगलवार सुबह एक साथ छापेमारी की गई। शुरुआती जांच में उनकी वैध आय से 258% अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है।
33 साल की नौकरी, करोड़ों की संपत्ति
लोकायुक्त के अनुसार, शिवराम सेमिल ने करीब 33 साल की सरकारी सेवा में लगभग 2 करोड़ रुपये वेतन प्राप्त किया। लेकिन जांच में अब तक 7.16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति और खर्च सामने आए हैं। यह उनकी ज्ञात आय से लगभग 258 प्रतिशत अधिक है।
9 ठिकानों पर मिले मकान, फैक्ट्रियां और निवेश
छापेमारी के दौरान इंदौर की सिलिकॉन सिटी में तीन मंजिला आलीशान मकान मिला। इसके अलावा धार और पीथमपुर में परिजनों के नाम पर ट्रांसफॉर्मर निर्माण और रिपेयरिंग से जुड़ी फैक्ट्रियां, कई कंपनियों में निवेश और अन्य संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं। बैंक खाते, लॉकर और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त पुलिस ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(B) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद संपत्ति का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
लोकायुक्त की टीम जब्त दस्तावेजों, बैंक खातों, कंपनियों में निवेश और बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।