Mahakal Bhasma Aarti Darshan 20 July 2026: Divine Morning Ritual at Ujjain Temple
महाकाल भस्म आरती के दौरान सोमवार, 20 जुलाई 2026 को उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में ब्रह्म मुहूर्त में भगवान महाकाल की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और डमरू की ध्वनि के बीच बाबा महाकाल की विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह दिव्य दर्शन किए।
ब्रह्म मुहूर्त में हुई विशेष पूजा
मंदिर की परंपरा के अनुसार सबसे पहले भगवान महाकाल का जल और पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद भस्म अर्पित कर विधि-विधान से आरती संपन्न हुई। पूरे मंदिर परिसर में "हर-हर महादेव" के जयकारे गूंजते रहे।
दिव्य श्रृंगार के हुए दर्शन
भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल का आकर्षक श्रृंगार किया गया। श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और दर्शन व्यवस्था के माध्यम से भगवान के दर्शन किए। सावन मास के चलते मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक श्रद्धालु पहुंचे।
भस्म आरती का धार्मिक महत्व
उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती देश की सबसे अनूठी धार्मिक परंपराओं में शामिल है। यह आरती प्रतिदिन ब्रह्म मुहूर्त में होती है और देश-विदेश से श्रद्धालु इसके दर्शन के लिए पहले से पंजीकरण कराते हैं।
दर्शन व्यवस्था सुचारु रही
मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षा और दर्शन की समुचित व्यवस्था बनाए रखी। निर्धारित समय पर श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया गया और पूरे अनुष्ठान का आयोजन परंपरागत विधि से संपन्न हुआ।