5300 से ज्यादा गांव होंगे शामिल
मध्य प्रदेश में MP Metropolitan Region योजना के तहत 12 जिलों के 5300 से ज्यादा गांवों का विकास करने की तैयारी है। सरकार शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों को एकीकृत विकास मॉडल से जोड़ने की योजना बना रही है।
इस योजना का उद्देश्य बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना है। साथ ही सड़क, पानी, परिवहन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना है।
विकास प्राधिकरण की होगी बड़ी भूमिका
योजना के तहत मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी बनाने की तैयारी है। इसके लिए करीब 500 पदों पर भर्ती का प्रस्ताव भी सामने आया है।
एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी प्राधिकरण का नेतृत्व कर सकता है। मुख्यमंत्री स्तर पर भी इसकी निगरानी की व्यवस्था प्रस्तावित है।
इंदौर और उज्जैन क्षेत्र पर भी फोकस
इंदौर-उज्जैन मेट्रोपॉलिटन रीजन में छह जिलों के 2781 गांव शामिल किए गए हैं। इनमें इंदौर के 654 और उज्जैन के 624 गांव हैं।
देवास के 593, शाजापुर के 546, धार के 224 और रतलाम के 140 गांव भी क्षेत्र में शामिल हैं।
बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार पर जोर
MP Metropolitan Region मॉडल से परिवहन नेटवर्क और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की योजना है। सरकार बेहतर कनेक्टिविटी के साथ रोजगार के नए अवसर बनाने पर भी जोर दे रही है।
आगे की प्रक्रिया में विकास प्राधिकरण, क्षेत्रीय योजना और बुनियादी ढांचे से जुड़े फैसले अहम होंगे। इससे शहरों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास को गति मिल सकती है।