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मध्य प्रदेश UCC को कैबिनेट की मंजूरी: लाइव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, बहुविवाह पर रोक; CM मोहन यादव बोले- 'राम, रहीम, रविंदर और रॉबिन सबको समान अधिकार'

मध्य प्रदेश कैबिनेट ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित कानून में लाइव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य, बहुविवाह पर रोक और सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक अधिकारों का प्रावधान है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि UCC का उद्देश्य धर्म से ऊपर उठकर सभी नागरिकों को समान कानूनी अधिकार देना है।

ई-इंदौर डेस्क 20 Jul 2026 41 बार देखा गया Madhya Pradesh
मध्य प्रदेश UCC को कैबिनेट की मंजूरी: लाइव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, बहुविवाह पर रोक; CM मोहन यादव बोले- 'राम, रहीम, रविंदर और रॉबिन सबको समान अधिकार'

मध्य प्रदेश UCC को कैबिनेट की मंजूरी: लाइव-इन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, बहुविवाह पर रोक; CM मोहन यादव बोले- 'राम, रहीम, रविंदर और रॉबिन सबको समान अधिकार'  |  ई-इंदौर फोटो

मध्य प्रदेश यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के ड्राफ्ट को राज्य कैबिनेट ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। अब यह विधेयक विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य धर्म के आधार पर अलग-अलग नागरिक कानून खत्म कर सभी नागरिकों को समान अधिकार देना है।

CM मोहन यादव ने क्या कहा?

कैबिनेट की मंजूरी के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा,

"राम, रहीम, रविंदर और रॉबिन सभी को समान अधिकार मिलेंगे।"

उन्होंने कहा कि नागरिक अधिकार धर्म के आधार पर अलग नहीं हो सकते। सभी के लिए एक समान व्यवस्था होनी चाहिए। इससे न्याय व्यवस्था अधिक समान और पारदर्शी बनेगी।

UCC ड्राफ्ट में क्या हैं प्रमुख प्रावधान?

ड्राफ्ट के अनुसार लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य होगा। ऐसे संबंधों से जन्म लेने वाले बच्चों के अधिकारों को कानूनी सुरक्षा देने का भी प्रावधान रखा गया है।

ड्राफ्ट में बहुविवाह (Polygamy) पर रोक का प्रस्ताव है। एक समय में केवल एक वैध विवाह को ही कानूनी मान्यता मिलेगी। विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेने और पारिवारिक अधिकारों के लिए समान नियम लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। अनुसूचित जनजातियों (Scheduled Tribes) को प्रस्तावित कानून में छूट दी गई है।

सरकार ने UCC की जरूरत क्यों बताई?

राज्य सरकार का कहना है कि अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण नागरिक अधिकारों में असमानता बनी रहती है। UCC का उद्देश्य महिलाओं, बच्चों और सभी नागरिकों को समान कानूनी संरक्षण देना है।

सरकार ने पहले राज्यभर से सुझाव भी आमंत्रित किए थे। लाखों सुझाव मिलने के बाद विशेषज्ञ समिति ने ड्राफ्ट तैयार किया, जिसे अब कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।

अब आगे क्या होगा?

कैबिनेट की मंजूरी के बाद UCC विधेयक मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। यदि विधानसभा से पारित होता है और राज्यपाल की मंजूरी मिलती है, तब इसे कानून के रूप में लागू किया जाएगा। लागू होने के बाद संबंधित नियम और प्रक्रिया अलग से अधिसूचित की जाएंगी।

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