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डॉग मास्क पहन अधिकारी के पास क्यों पहुंचा युवक? 4 साल में 13,225 डॉग बाइट केस

खंडवा में डॉग बाइट के विरोध में युवक डॉग मास्क पहनकर अधिकारी के पास पहुंचा। 4 साल में 13,225 मामलों और 40 लाख खर्च पर उठे सवाल।

ई-इंदौर डेस्क 19 Aug 2026 17 बार देखा गया Madhya Pradesh
डॉग मास्क पहन अधिकारी के पास क्यों पहुंचा युवक? 4 साल में 13,225 डॉग बाइट केस

डॉग मास्क पहन अधिकारी के पास क्यों पहुंचा युवक? 4 साल में 13,225 डॉग बाइट केस  |  ई-इंदौर फोटो

खंडवा में डॉग मास्क पहनकर अधिकारी के पास क्यों पहुंचा युवक?

मध्य प्रदेश के खंडवा में आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट की लगातार घटनाओं के विरोध में मंगलवार को अनोखा प्रदर्शन किया गया। कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक उर्फ मल्लू राठौर एक युवक को डॉग कॉस्ट्यूम और मास्क पहनाकर लेकर पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने इस तरीके से अधिकारियों का ध्यान शहर में बढ़ती आवारा कुत्तों की समस्या की ओर खींचने की कोशिश की। उनका आरोप है कि कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण के नाम पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन समस्या कम नहीं हुई।

4 साल में 13,225 डॉग बाइट के मामले

ज्ञापन में दावा किया गया है कि पिछले चार वर्षों में खंडवा में करीब 13,225 लोग डॉग बाइट का शिकार होकर अस्पताल पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने इन आंकड़ों को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

उनका कहना है कि आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। शहर में प्रभावी नियंत्रण और नियमित नसबंदी व्यवस्था की मांग की गई है।

40 लाख रुपये खर्च करने के बाद भी सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि आवारा कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण के लिए करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए। इसके बावजूद समस्या का समाधान जमीन पर नजर नहीं आ रहा है।

उन्होंने नसबंदी व्यवस्था के प्रभावी संचालन पर भी सवाल उठाए। हालांकि, इस खर्च और कामकाज से जुड़े आरोपों पर नगर निगम की विस्तृत प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।

प्रशासन से जांच और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आवारा कुत्तों की समस्या और डॉग बाइट के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने नसबंदी कार्यक्रम में हुए खर्च और उसके परिणामों की भी जांच की मांग रखी। प्रशासन ने अभी नगर निगम की नसबंदी व्यवस्था में किसी अनियमितता की विस्तृत पुष्टि नहीं की है।

बेसहारा मवेशियों की समस्या भी उठाई

प्रदर्शन के दौरान शहर में घूमने वाले बेसहारा मवेशियों का मुद्दा भी उठाया गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क पर घूमते मवेशियों के कारण भी हादसों का खतरा बना रहता है।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि आवारा कुत्तों और बेसहारा मवेशियों की समस्या शहर की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

लोगों की सुरक्षा पर चिंता

डॉग बाइट की घटनाओं के कारण बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। प्रभावित लोगों को इलाज और एंटी-रेबीज वैक्सीन जैसी चिकित्सा सुविधाओं की जरूरत पड़ सकती है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि नगर निगम आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने के लिए प्रभावी और नियमित व्यवस्था लागू करे।

महत्वपूर्ण बातें

  • खंडवा कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में अनोखा प्रदर्शन हुआ।
  • एक युवक डॉग कॉस्ट्यूम और मास्क पहनकर अधिकारियों के सामने पहुंचा।
  • प्रदर्शन का नेतृत्व नेता प्रतिपक्ष मल्लू राठौर ने किया।
  • पिछले 4 वर्षों में करीब 13,225 डॉग बाइट मामलों का दावा किया गया।
  • कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च होने का आरोप है।
  • बेसहारा मवेशियों की समस्या भी उठाई गई।
  • प्रशासन से जांच और प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई।

सवाल-जवाब

डॉग मास्क पहनकर युवक अधिकारी के पास क्यों पहुंचा?

आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और डॉग बाइट की घटनाओं के विरोध में यह अनोखा प्रदर्शन किया गया।

पिछले चार वर्षों में कितने लोग डॉग बाइट का शिकार हुए?

ज्ञापन में करीब 13,225 लोगों के डॉग बाइट का शिकार होकर अस्पताल पहुंचने का दावा किया गया है।

40 लाख रुपये को लेकर क्या आरोप है?

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि कुत्तों की नसबंदी और नियंत्रण के नाम पर करीब 40 लाख रुपये खर्च किए गए, लेकिन समस्या कम नहीं हुई।

प्रशासन से क्या मांग की गई?

आवारा कुत्तों की समस्या, नसबंदी व्यवस्था और नियंत्रण उपायों की जांच कर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई है।

खंडवा में डॉग मास्क पहनकर किया गया यह अनोखा प्रदर्शन अब चर्चा में है। प्रदर्शनकारियों ने डॉग बाइट के मामलों और नसबंदी पर हुए खर्च को लेकर सवाल उठाते हुए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।

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