CM Yogi Adityanath ने एक बार फिर धर्म और सेक्युलरिज्म को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति हनुमान चालीसा पढ़ता है, वही सच्चे अर्थों में सेक्युलर हो सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।
सेक्युलरिज्म पर क्या बोले CM Yogi Adityanath?
CM Yogi Adityanath ने कहा कि भारत की संस्कृति सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाती है। उनके अनुसार, हनुमान चालीसा किसी एक समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह आस्था और सेवा का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि भारतीय परंपरा में सभी धर्मों और पंथों के प्रति सम्मान का भाव ही वास्तविक धर्मनिरपेक्षता है।
मंदिर-मस्जिद विवाद पर भी रखी राय
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने मंदिर और मस्जिद से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विवादों का समाधान संविधान और कानून के दायरे में होना चाहिए। साथ ही समाज में सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
बयान पर शुरू हुई राजनीतिक चर्चा
मुख्यमंत्री के बयान के बाद राजनीतिक दलों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। समर्थक इसे भारतीय संस्कृति से जुड़ा संदेश बता रहे हैं, जबकि विपक्ष ने इस पर सवाल उठाए हैं।
फिलहाल इस बयान को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर चर्चा जारी है।