नई EV मोटर तकनीक के क्षेत्र में भारत ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। भारतीय स्टार्टअप Vimag Labs ने देश का पहला सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मैग्नेट-फ्री मोटर प्लेटफॉर्म विकसित किया है। इस तकनीक का उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों में इस्तेमाल होने वाले चीन के रेयर अर्थ मैग्नेट पर निर्भरता कम करना है।
क्या है नई EV मोटर तकनीक?
Vimag Labs के संस्थापक मनीष सेठ ने ऐसी मोटर तैयार की है, जिसमें पारंपरिक रेयर अर्थ मैग्नेट की जरूरत नहीं पड़ती। इसके बजाय मोटर का प्रदर्शन सॉफ्टवेयर के जरिए नियंत्रित किया जाता है।
कंपनी का दावा है कि यह तकनीक अलग-अलग प्रकार के इलेक्ट्रिक वाहनों में उपयोग की जा सकती है और समय के साथ सॉफ्टवेयर अपडेट के जरिए इसकी क्षमता भी बढ़ाई जा सकती है।
चीन पर निर्भरता क्यों होगी कम?
दुनिया के अधिकांश इलेक्ट्रिक वाहन मोटरों में रेयर अर्थ मैग्नेट का उपयोग होता है। इन खनिजों की सप्लाई में चीन की बड़ी हिस्सेदारी है।
नई मैग्नेट-फ्री EV मोटर इस निर्भरता को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे भारत की सप्लाई चेन अधिक मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकती है।
कंपनी को मिला पेटेंट
Vimag Labs को इस सॉफ्टवेयर-डिफाइंड मैग्नेट-फ्री मोटर प्लेटफॉर्म के लिए पेटेंट भी मिल चुका है। कंपनी का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म ऊर्जा दक्षता, लागत और प्रदर्शन के बीच बेहतर संतुलन प्रदान कर सकता है।
यह तकनीक भविष्य में इलेक्ट्रिक कार, दोपहिया वाहन, औद्योगिक मशीनों और अन्य इलेक्ट्रिक ड्राइव सिस्टम में भी इस्तेमाल की जा सकती है।
विशेषज्ञों की राय
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक बड़े स्तर पर सफल होती है, तो भारत का EV उद्योग आयात पर निर्भरता कम कर सकता है। इससे घरेलू विनिर्माण और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
आगे क्या होगा?
कंपनी अब इस मोटर प्लेटफॉर्म को व्यावसायिक स्तर पर लाने की तैयारी कर रही है। उद्योग जगत की नजर इस बात पर रहेगी कि यह तकनीक वास्तविक इलेक्ट्रिक वाहनों में कितना प्रभावी प्रदर्शन करती है और बाजार में कितनी तेजी से अपनाई जाती है।